फर्जी प्रमाणपत्रों पर नियुक्ति का मामला: प्रधानाचार्य का वेतन रोका, जांच अंतिम चरण में
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फर्जी प्रमाणपत्रों पर नियुक्ति का मामला: प्रधानाचार्य का वेतन रोका, जांच अंतिम चरण में

पौड़ी। एकेश्वर स्थित इंद्रापुरी जनता इंटर कॉलेज में कथित फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रधानाचार्य नियुक्ति के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मामले को लेकर उत्तराखंड बेरोजगार संघ के प्रतिनिधियों ने आज पौड़ी पहुंचकर अपर शिक्षा निदेशक और मुख्य शिक्षा अधिकारी से मुलाकात की तथा जांच से संबंधित दस्तावेज और तथ्य अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए।

बैठक के दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने तक संबंधित प्रधानाचार्य का वेतन रोक दिया गया है। साथ ही दस्तावेजों की जांच में आरोप सही पाए जाने पर निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की जाएगी।

उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने मामले को युवाओं के अधिकारों से जुड़ा बताते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी या सहायता प्राप्त संस्थान में नौकरी हासिल की है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

संघ का कहना है कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए है जो वर्षों तक मेहनत और तैयारी के बावजूद रोजगार के अवसरों से वंचित रह जाते हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

फिलहाल शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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