देहरादून। सहस्त्रधारा के आपदाग्रस्त कार्लीगाड़ क्षेत्र में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र में संसाधनों और मशीनरी की संख्या बढ़ाते हुए कार्यों में तेजी ला दी है।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने अगले 15 दिनों के भीतर क्षेत्र से मलबा हटाने, नदी के चैनलाइजेशन तथा पुनर्वास कार्यों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित परिवारों की सुरक्षा और उनके स्थायी पुनर्वास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
आपदा प्रभावित क्षेत्र में मलबा हटाने के लिए अतिरिक्त पोकलेन मशीनें, जेसीबी और डंपर तैनात किए गए हैं। वहीं सिंचाई विभाग की टीम नदी के प्रवाह को व्यवस्थित करने और भविष्य में संभावित नुकसान को कम करने के लिए चैनलाइजेशन कार्य में जुटी हुई है।
प्रशासन द्वारा जोखिम वाले क्षेत्रों में रह रहे परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जिन स्थानों पर खतरा बना हुआ है, वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकार और जिला प्रशासन का कहना है कि कार्लीगाड़ क्षेत्र में राहत और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा ताकि प्रभावित परिवार जल्द से जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें।
