हल्द्वानी। जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के निर्देशों पर जनपद में संचालित होमस्टे इकाइयों के विरुद्ध चलाए जा रहे व्यापक निरीक्षण अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। नियमों के उल्लंघन के आरोप में जिले की 150 होमस्टे इकाइयों का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है, जबकि 55 इकाइयों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
परगना अधिकारियों एवं पर्यटन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में सामने आया कि अनेक होमस्टे इकाइयों में स्वामी स्वयं निवासरत नहीं थे, जबकि होमस्टे संचालन की मूल शर्तों में यह आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण वाहनों को सड़क किनारे खड़ा किया जा रहा था। इसके अलावा कुछ इकाइयों में रिसेप्शन स्टाफ नियुक्त कर होमस्टे को होटल एवं रेस्टोरेंट की तरह संचालित किया जा रहा था। कई मामलों में होमस्टे इकाइयों को लीज पर देकर व्यावसायिक रूप से संचालित किए जाने की भी पुष्टि हुई।
प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार तहसील धारी में 19, रामनगर में 20, नैनीताल में 94, कालाढूंगी में 5, हल्द्वानी में 5 तथा कैंची धाम क्षेत्र में 7 होमस्टे इकाइयों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में नोटिस अवधि में चल रही अन्य इकाइयों की भी निगरानी की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि होमस्टे व्यवस्था की मूल अवधारणा एवं शासन द्वारा निर्धारित नियमावली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन गतिविधियों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और व्यवस्थित संचालन बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
