नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने एक बार फिर केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा लागू की गई अग्निवीर योजना भारतीय सेनाओं की पारंपरिक व्यवस्था और सैनिकों के भविष्य के लिए चिंता का विषय है।
राहुल गांधी ने कहा कि देश के करोड़ों युवा सेना में भर्ती होने का सपना देखते हैं और इसके लिए वर्षों तक कठिन परिश्रम करते हैं। ऐसे में सैनिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा तथा भविष्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि अग्निवीर योजना के तहत चार वर्ष की सेवा के बाद अधिकांश युवाओं को सेना से बाहर होना पड़ता है, जिससे उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि उनकी पार्टी इस व्यवस्था का विरोध करती है और चाहती है कि देश की सेवा करने वाले जवानों तथा उनके परिवारों को पर्याप्त सुरक्षा और सम्मान मिले। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियां रक्षा क्षेत्र के संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित नहीं कर पा रही हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ-साथ सैनिकों के हितों की रक्षा करना भी सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से अग्निवीर योजना की समीक्षा करने और युवाओं तथा सैन्य परिवारों की चिंताओं को दूर करने की मांग की।
हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि अग्निवीर योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों को अधिक युवा और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। सरकार के अनुसार, यह योजना सेना के आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
