श्रीनगर/देहरादून, 4 जून 2026। उत्तराखंड के विद्यालयों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश के सभी विद्यालयों में एनसीसी (NCC), एनएसएस (NSS) तथा स्काउट एंड गाइड की इकाइयों का गठन किया जाएगा, ताकि प्रत्येक छात्र-छात्रा को इन गतिविधियों में भाग लेकर प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिल सके।
यह निर्देश प्रदेश के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर (गढ़वाल) में आयोजित विद्यालयी शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए। उन्होंने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर को शून्य करने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने तथा विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा और मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना का अधिकतम लाभ दिलाने पर विशेष जोर दिया।

डॉ. रावत ने कहा कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा को अधिक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और छात्र-केंद्रित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, नोटबुक, ड्रेस, जूते और साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि आर्थिक कारणों से किसी भी छात्र की शिक्षा बाधित न हो।
शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस एवं स्काउट एंड गाइड इकाइयों का गठन कर विद्यार्थियों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रसेवा की भावना का विकास होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार, छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों के उच्चीकरण, डी-श्रेणी के विद्यालयों के निर्माण कार्यों के लिए डीपीआर तैयार करने, विकासखंडवार मात्राकरण तथा शिक्षकों की पदोन्नति संबंधी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए।

डॉ. रावत ने अटल उत्कृष्ट विद्यालयों, क्लस्टर विद्यालयों, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकों के वितरण, अवस्थापना सुविधाओं एवं निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने डायट संस्थानों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और शिक्षकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया।
इसके अलावा विद्यालयों में फर्नीचर, विद्युत, पेयजल, शौचालय, कंप्यूटर लैब सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके।
बैठक में उप सचिव विद्यालयी शिक्षा ए.के. शुक्ल, अपर निदेशक विद्यालयी शिक्षा के.एस. रावत, अपर निदेशक माध्यमिक परमेन्द्र कुमार, अनु सचिव विकास श्रीवास्तव सहित गढ़वाल मंडल के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारी, डायट प्राचार्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
