October 27, 2026
मानसिक स्वास्थ्य दिवस: अनुभव को सुनना लाएगा बदलाव
Latest देश

मानसिक स्वास्थ्य दिवस: अनुभव को सुनना लाएगा बदलाव

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम अपनी शारीरिक सेहत का ध्यान रखने के लिए तो समय निकाल लेते हैं, लेकिन अक्सर मन की थकान को नजरअंदाज कर देते हैं। हर वर्ष 10 अक्टूबर को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ हमें याद दिलाता है कि स्वस्थ जीवन के लिए शरीर के साथ मन का स्वस्थ होना भी जरूरी है।
मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा अक्सर तनाव, अवसाद और चिंता जैसे शब्दों तक सीमित रह जाती है, लेकिन इन शब्दों के पीछे छिपे व्यक्ति के अनुभवों को समझना उतना ही आवश्यक है। हर व्यक्ति का मानसिक संघर्ष अलग होता है। किसी के लिए रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच स्वयं को संभालना चुनौती है, तो कोई सामाजिक अपेक्षाओं, अकेलेपन या अपने मन की बात न कह पाने के कारण भीतर ही भीतर संघर्ष कर रहा होता है। हर कोई अपना अनुभव रखता है।

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम “Lived Experiences Heard: Real Voices, Real Change”
इसी महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान केंद्रित करती है—उन लोगों की आवाज़ को महत्व देना, जिन्होंने स्वयं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयों का अनुभव किया है। उनका अनुभव केवल व्यक्तिगत कहानी नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं, सामाजिक दृष्टिकोण और नीतियों को बेहतर बनाने का आधार भी हो सकता है। पीपल विद लीव्ड एक्सपीरियंस (PWLE) व्यक्तियों को सुनना, उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के कार्यक्रमों में जोड़ना, कम्युनिटी प्रोग्राम के नजदीक लाना मानसिक स्वास्थ्य के कार्यक्रमों को अधिक व्यक्ति केंद्रित बनाएगा।
जब किसी व्यक्ति की तकलीफ को केवल उसकी कमजोरी मान लिया जाता है, तो वह मदद मांगने से भी हिचकने लगता है। इसके विपरीत, जब उसके अनुभव को सम्मान और संवेदनशीलता के साथ सुना जाता है, तो सहायता प्राप्त करने की राह आसान हो सकती है।

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का अर्थ केवल बीमारी के लक्षण पहचानना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण बनाना भी है, जहाँ व्यक्ति बिना शर्म या डर के अपनी बात कह सके। परिवार में बच्चों और युवाओं की भावनाओं को गंभीरता से लेना, कार्यस्थल पर मानसिक दबाव को समझना, शैक्षणिक संस्थानों में परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराना और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के प्रति भेदभाव कम करना, यह सभी इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
जो व्यक्ति सामान्य दिखाई दे रहा है, वह भी भीतर से परेशान हो सकता है। इसलिए व्यक्ति को सुनना अधिक आवश्यक होता है।

इस मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर सबसे महत्वपूर्ण संकल्प यही हो सकता है कि हम केवल लोगों को बोलने की सलाह न दें, बल्कि उनकी बात सुनने, समझने और उनके अनुभवों को बदलाव का हिस्सा बनाने के लिए भी तैयार रहें।
वास्तविक बदलाव की शुरुआत तब होती है, जब किसी की आवाज़ को सुनने के साथ उसे महत्व भी दिया जाता है।

डॉ विनीता पंत पाण्डेय
मनोवैज्ञानिक, रिसर्चर एवं एजुकेटर

 

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *