हल्द्वानी। कुमाऊं की समृद्ध लोक संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हल्द्वानी में 17वें जोहार महोत्सव का आयोजन आज 30 अक्टूबर से शुरू होने जा रहा है। तीन दिवसीय यह महोत्सव 1 नवंबर तक एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित किया जाएगा।
जोहार सांस्कृतिक एवं वेलफेयर सोसायटी की ओर से आयोजित इस महोत्सव में लोकगीत, लोकनृत्य, पारंपरिक प्रतियोगिताओं और पहाड़ी व्यंजनों के माध्यम से जोहार क्षेत्र की संस्कृति को प्रदर्शित किया जाएगा।
पहले दिन निकलेगी पारंपरिक वेशभूषा में शोभायात्रा
महोत्सव के पहले दिन जोहारी शौका समुदाय के लोग पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-दमाऊ के साथ शोभायात्रा निकालेंगे। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा।
शाम को स्थानीय कलाकारों के साथ लोकगायक फौजी ललित मोहन जोशी, दक्ष कार्की, कैलाश कुमार और गोविंद दिगारी अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

31 अक्टूबर को महिलाओं और बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं
महोत्सव के दूसरे दिन महिलाओं और बच्चों के लिए विभिन्न सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें झोड़ा-चांचरी, पहाड़ी व्यंजन, ऐपण और स्वेटर बुनाई प्रतियोगिताएं प्रमुख रहेंगी।
शाम के कार्यक्रम में जन जागृति सांस्कृतिक कला मंच, बिंदुखत्ता की प्रस्तुति के साथ नेपाल के प्रसिद्ध गायक सुरेश शाही विशेष आकर्षण रहेंगे।
1 नवंबर को बबल आर्टिस्ट विक्रम बोरा की प्रस्तुति
महोत्सव के अंतिम दिन झोड़ा-चांचरी प्रतियोगिता, बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिता, फैंसी ड्रेस और युवाओं की पारंपरिक वेशभूषा प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
शाम के कार्यक्रम में बबल आर्टिस्ट विक्रम बोरा अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ लोकगायक गणेश मर्तोलिया, नीरज चुफाल और रुचि जंगपांगी की प्रस्तुतियां भी होंगी।
स्थानीय संस्कृति और उत्पादों को मिलेगा मंच
महोत्सव में पहाड़ी उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए जाएंगे। आयोजकों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना और स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना है।
