देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की बेटियों के सशक्तिकरण और उनकी शिक्षा को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने नंदा गौरा योजना के अंतर्गत हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद की 4098 पात्र बालिकाओं के खातों में 19 करोड़ 23 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हस्तांतरित कर दी है। इस राशि के वितरण से हजारों परिवारों को राहत मिलेगी और बालिकाओं की शिक्षा व भविष्य को नई मजबूती मिलेगी।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश की कोई भी पात्र बेटी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में अधिकांश पात्र बालिकाओं को पहले ही योजना का लाभ उपलब्ध करा दिया गया था, लेकिन कुछ मामलों में आवश्यक दस्तावेजों और अन्य औपचारिकताओं के अधूरे रहने के कारण सहायता राशि का भुगतान लंबित था।
मंत्री ने बताया कि संबंधित प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद अब शेष सभी पात्र बालिकाओं के खातों में भी सहायता राशि सफलतापूर्वक हस्तांतरित कर दी गई है। इससे योजना का लाभ उन परिवारों तक भी पहुंच गया है, जिनका भुगतान तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से रुका हुआ था।
रेखा आर्या ने कहा कि राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। नंदा गौरा योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना और उन्हें शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना भी है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि प्रत्येक पात्र बालिका तक योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से पहुंचे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी पात्र लाभार्थी का भुगतान अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और सभी आवेदनों का समय पर सत्यापन कर सहायता राशि शीघ्र जारी की जाए। साथ ही लोगों से भी अपील की गई है कि आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज सही एवं पूर्ण रूप से जमा करें, ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
गौरतलब है कि नंदा गौरा योजना उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। इस योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने, बालिका जन्म के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सरकार का मानना है कि इस तरह की योजनाएं बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं और समाज में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रही हैं।
