पौड़ी। जनपद में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान की अध्यक्षता में जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रवर्तन का विषय नहीं है, बल्कि जनजागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने परिवहन एवं पुलिस विभाग को ड्रंक एंड ड्राइव, ओवरस्पीडिंग, ओवरलोडिंग तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालयों और महाविद्यालयों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर सुधारात्मक कार्यों में तेजी लाने, सड़क संकेतकों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थलों का नियमित निरीक्षण करने, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने तथा अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण के लिए संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा गया।
पर्यावरण संरक्षण को सड़क सुरक्षा से जोड़ते हुए अपर जिलाधिकारी ने जनपद के सभी हॉटमिक्स प्लांट स्वामियों को प्रत्येक प्लांट पर न्यूनतम 1000 पौधे लगाने और उनके संरक्षण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार जनवरी से जून 2026 के बीच मोटर वाहन अधिनियम के तहत 23,362 वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इस अवधि में 3,906 ड्राइविंग लाइसेंसों के निरस्तीकरण की संस्तुति की गई। वहीं जनपद में 27 सड़क दुर्घटनाओं में 16 लोगों की मृत्यु हुई तथा 44 लोग घायल हुए। अपर जिलाधिकारी ने दुर्घटनाओं के कारणों का विस्तृत विश्लेषण कर प्रभावी निवारक उपाय अपनाने और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
बैठक में अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक सेमवाल, एआरटीओ मंगल सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित सभी उपजिलाधिकारी एवं पुलिस विभाग के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
