पौड़ी गढ़वाल: सतपुली-गुमखाल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-534 पर चल रहे निर्माण कार्य में सड़क किनारे मलबा जमा रहने, पुश्ते क्षतिग्रस्त होने और कई स्थानों पर यातायात प्रभावित होने पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कड़ी नाराज़गी जताई। मंगलवार को एनआईसी कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्माण के साथ सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
डीएम ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य के कारण आमजन की आवाजाही बाधित होना या सड़क को असुरक्षित छोड़ना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने एक सप्ताह के भीतर शेष मलबा हटाने, कमजोर पुश्तों एवं सुरक्षात्मक दीवारों की मरम्मत, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा अवरोधक लगाने और प्रभावित भवनों का स्थलीय निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि सूलिया, सतपुलीसैंण, सतपुली मल्ली, कुल्हाड़ मोड़ और गहड़गांव के पास कटिंग व निर्माण कार्य जारी है। जिलाधिकारी ने इन सभी स्थलों की प्रतिदिन निगरानी कर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आवश्यकता पड़ने पर मशीनों और वाहनों की संख्या बढ़ाने को कहा।

समीक्षा के दौरान बताया गया कि राष्ट्रीय राजमार्ग का डामरीकरण कार्य तेज़ी से किया जा रहा है और 15 नवंबर 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं, भूस्खलन प्रभावित पाँच स्थानों पर सुरक्षात्मक कार्य प्रस्तावित हैं, जिनमें बैरगांव और कुल्हाड़ के बीच कार्य शुरू हो चुका है।
जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक संयुक्त समिति गठित कर 16 सितंबर को पुनः स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। समिति निर्माण प्रगति, यातायात व्यवस्था, मलबा निष्पादन और सड़क सुरक्षा उपायों का मूल्यांकन करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
