देहरादून। उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जारी विवाद के बीच पुलिस विभाग में बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। अंकिता भंडारी के माता-पिता के दिल्ली में प्रदर्शन करने की सूचना समय पर नहीं मिलने के मामले में पौड़ी गढ़वाल में तैनात लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) के इंस्पेक्टर सरदेव सिंह को निलंबित कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस कार्रवाई की पुष्टि डीजी इंटेलिजेंस कार्यालय की ओर से की गई है।
दिल्ली में प्रदर्शन की सूचना नहीं मिलने पर उठे सवाल
अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले के कथित VIP एंगल की जांच की मांग को लेकर दिल्ली पहुंचे थे। वहां इंडिया गेट पर उनके विरोध प्रदर्शन के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया।
रिपोर्टों के अनुसार, माता-पिता के दिल्ली पहुंचने और प्रदर्शन करने की जानकारी समय पर खुफिया तंत्र तक नहीं पहुंच पाई। इसके बाद पुलिस विभाग में जवाबदेही को लेकर सवाल उठे और पौड़ी में तैनात LIU इंस्पेक्टर के निलंबन की कार्रवाई सामने आई।
कथित VIP एंगल को लेकर फिर तेज हुई चर्चा
अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP की भूमिका का सवाल लंबे समय से चर्चा में है। अंकिता के माता-पिता लगातार मांग कर रहे हैं कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
माता-पिता के दिल्ली में प्रदर्शन के बाद यह मुद्दा फिर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। हालांकि, कथित VIP से जुड़े आरोपों को लेकर किसी व्यक्ति की आपराधिक संलिप्तता केवल आरोपों के आधार पर स्थापित नहीं मानी जा सकती।
मुख्यमंत्री के दिल्ली पहुंचने के बाद घटनाक्रम पर नजर
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी दिल्ली पहुंचे थे। पौड़ी की जिलाधिकारी और खुफिया विभाग के अधिकारियों के दिल्ली जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
इसके बाद LIU इंस्पेक्टर के निलंबन की खबर सामने आने से पुलिस विभाग में सूचना तंत्र की जिम्मेदारी और कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, निलंबन आदेश में दर्ज विस्तृत कारणों और विभागीय जांच के अंतिम निष्कर्षों की पुष्टि संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों से की जानी चाहिए।
अंकिता को न्याय दिलाने की मांग जारी
सितंबर 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे उत्तराखंड को झकझोर दिया था। इस मामले में अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद परिवार कथित VIP एंगल से जुड़े सवालों के स्पष्ट जवाब की मांग करता रहा है।
अब LIU इंस्पेक्टर के निलंबन की कार्रवाई के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। आने वाले दिनों में विभागीय जांच और मामले से संबंधित आधिकारिक बयानों पर सबकी निगाहें रहेंगी।
