October 26, 2026
अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की लड़ाई जारी, कथित VIP एंगल की जांच पर टिकी निगाहें
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अंकिता भंडारी हत्याकांड: न्याय की लड़ाई जारी, कथित VIP एंगल की जांच पर टिकी निगाहें

देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। अंकिता के माता-पिता लगातार अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। मामले में दोषियों को सजा सुनाए जाने के बावजूद कथित VIP एंगल और उससे जुड़े सवालों को लेकर परिवार की चिंता बनी हुई है। हालिया घटनाक्रम के बाद यह मामला एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

क्या है पूरा मामला?

पौड़ी गढ़वाल जिले के गंगा भोगपुर स्थित वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी सितंबर 2022 में लापता हो गई थीं। बाद में उनका शव चिल्ला नहर से बरामद हुआ। इस घटना ने पूरे उत्तराखंड में आक्रोश पैदा कर दिया था और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदेशभर में प्रदर्शन हुए थे।

मामले की जांच के बाद रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया। मई 2025 में कोटद्वार की अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

कथित VIP एंगल को लेकर क्यों उठ रहे सवाल?

अंकिता हत्याकांड की शुरुआत से ही कथित VIP का मुद्दा चर्चा में रहा है। परिवार और कई सामाजिक संगठनों की मांग है कि इस पहलू की भी पूरी तरह जांच होनी चाहिए, ताकि मामले से जुड़े सभी सवालों का जवाब मिल सके।

दिसंबर 2025 में सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ कथित ऑडियो और वीडियो के बाद यह विवाद फिर बढ़ गया। इन सामग्री के आधार पर कुछ लोगों ने राजनीतिक नेताओं के नामों को मामले से जोड़ने वाले आरोप लगाए। संबंधित नेताओं ने आरोपों को खारिज किया है और कुछ मामलों में कानूनी कार्रवाई भी हुई है।

महत्वपूर्ण तथ्य: किसी व्यक्ति का नाम वायरल ऑडियो, वीडियो या आरोपों में आने मात्र से उसकी आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं होती। कथित VIP की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों और अदालत में साबित हुए अपराधों को अलग-अलग समझना जरूरी है।

माता-पिता की मांग: पूरी सच्चाई सामने आए

अंकिता के माता-पिता की प्रमुख मांग है कि उनकी बेटी की हत्या से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

अक्टूबर 2026 में मामला फिर चर्चा में आया, जब परिवार ने कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की सिक्किम के राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर सवाल उठाए। परिवार ने इस संबंध में राष्ट्रपति से भी अपनी मांग रखने की कोशिश की।

15 अक्टूबर को दिल्ली के इंडिया गेट पर परिवार के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इसके बाद भी परिवार की न्याय की मांग जारी रही।

CBI जांच पर टिकी निगाहें

अंकिता मामले के कथित VIP एंगल की जांच को लेकर परिवार की उम्मीदें अब जांच एजेंसी की कार्रवाई पर टिकी हैं। 17 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, CBI अधिकारियों ने अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया।

परिवार चाहता है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर सभी जरूरी सवालों के जवाब मिलें। मामले में आगे की जांच और आधिकारिक निष्कर्षों पर नजर बनी हुई है।

उत्तराखंड में न्याय की मांग अब भी कायम

अंकिता भंडारी हत्याकांड ने उत्तराखंड में महिलाओं की सुरक्षा, कार्यस्थलों पर महिलाओं के अधिकार और प्रभावशाली लोगों की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर गंभीर बहस छेड़ी थी। दोषियों को सजा मिलने के बाद भी परिवार की ओर से उठाए जा रहे सवाल बताते हैं कि वे मामले के हर पहलू पर स्पष्टता चाहते हैं।

अब सभी की निगाहें जांच की प्रगति और संबंधित एजेंसियों के आधिकारिक निष्कर्षों पर हैं। परिवार की मांग है कि अंकिता को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में कोई भी सवाल अनुत्तरित न रहे।

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