BRIDCUL पर ₹16 करोड़ की सड़क परियोजना में अनियमितताओं के आरोप, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने जांच की मांग उठाई
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BRIDCUL पर ₹16 करोड़ की सड़क परियोजना में अनियमितताओं के आरोप, राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने जांच की मांग उठाई

देहरादून, 02 जून 2026। राष्ट्रवादी रीजनल पार्टी ने चमोली जिले की थराली विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अंतर्गत निर्मित कंडवाल गांव से कफूली मल्ला (चरण-1 एवं चरण-2) मोटर मार्ग परियोजना में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। पार्टी ने दावा किया है कि लगभग ₹16 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में भुगतान तो पूरा कर दिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य अधूरा है।

उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव प्रसाद सेमवाल ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण कार्य में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार की मिलीभगत से भारी वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए स्वीकृत धनराशि का अधिकांश भुगतान किए जाने के बावजूद सड़क पर अपेक्षित कार्य दिखाई नहीं देता।

पार्टी ने आरोप लगाया कि मोटर मार्ग के केवल सीमित हिस्से पर ही पीसी (Premix Carpet) कार्य किया गया है, जबकि शेष कार्य अधूरा पड़ा है। पार्टी नेताओं ने संबंधित अधिकारियों द्वारा उच्च स्तर पर गलत प्रगति रिपोर्ट भेजे जाने का भी आरोप लगाया।

प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इष्टवाल ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से सड़क निर्माण कार्य पूरा होने का इंतजार कर रही है, लेकिन निर्माण कार्य पिछले एक वर्ष से ठप पड़ा हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की शिकायतों पर भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है।

पार्टी के पर्यावरण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश इष्टवाल ने लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पांडे को पत्र भेजकर मामले की विशेष भौतिक एवं वित्तीय ऑडिट (Physical-Financial Audit) कराने की मांग की है। उनका कहना है कि परियोजना पर हुए खर्च और वास्तविक निर्माण कार्य का स्वतंत्र मूल्यांकन कराया जाना चाहिए।

वहीं जिला सैनिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष भगवती प्रसाद गोस्वामी ने चेतावनी दी कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पार्टी जन आंदोलन शुरू करेगी।

पार्टी ने अपनी मांगों में परियोजना से संबंधित सभी फाइलों, मापन पुस्तिका (Measurement Book) और भुगतान अभिलेखों को सुरक्षित रखने, विशेष ऑडिट कराने तथा प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

हालांकि समाचार लिखे जाने तक BRIDCUL अथवा संबंधित विभाग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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