देहरादून, 03 जून 2026। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिला योजना को जनहित, नवाचार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला विकास मॉडल बनाने के निर्देश दिए हैं। जिला योजना के अंतर्गत ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी जो रोजगार सृजन, स्वरोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक विकास को बढ़ावा दें।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों से कम से कम एक अभिनव परियोजना का प्रस्ताव प्रस्तुत करने को कहा है, जिससे देहरादून की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला योजना में केवल वही परियोजनाएं शामिल की जाएंगी जो समयबद्ध, व्यवहारिक और भूमि विवादों से मुक्त हों।
डॉ. चौहान ने कहा कि जिला योजना के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों का नियमित भौतिक सत्यापन किया जाएगा तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
जिला योजना में स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा। इसके तहत ब्लूबेरी उत्पादन, ट्राउट मत्स्य पालन, पोल्ट्री विकास तथा कृषि आधारित परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। प्रशासन का मानना है कि इन क्षेत्रों में निवेश और प्रोत्साहन से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
जिलाधिकारी ने शिक्षा, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित योजनाओं को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचना चाहिए और प्रत्येक परियोजना का स्पष्ट सामाजिक एवं आर्थिक प्रभाव दिखाई देना चाहिए।
देहरादून जिला योजना के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। प्रशासन इस बजट का उपयोग जनहितकारी, नवाचार आधारित एवं दीर्घकालिक विकास को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के लिए करने की तैयारी कर रहा है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के चयन में गुणवत्ता, पारदर्शिता और परिणामों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जिला योजना वास्तव में देहरादून के समग्र विकास का प्रभावी माध्यम बन सके।
