चमोली: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश का असर पर्वतीय क्षेत्रों में साफ देखने को मिल रहा है। जनपद चमोली के महत्वपूर्ण ज्योतिर्मठ–मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर सोमवार देर रात हुई भारी बारिश के कारण पुल के समीप अचानक मलबा और बड़े पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे हाईवे पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क बंद होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं सड़क खोलने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया। बीआरओ ने जेसीबी मशीन की सहायता से सड़क पर जमा मलबा, बोल्डर और पत्थरों को हटाने का अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सड़क से मलबा हटाकर यातायात को फिर से सुचारू कर दिया गया।
ज्योतिर्मठ–मलारी हाईवे सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है। यह सड़क भारत-चीन सीमा से जुड़े सीमांत क्षेत्रों, सेना की आवाजाही और स्थानीय ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा का काम करती है। ऐसे में इस मार्ग का बाधित होना न केवल आम लोगों बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। बीआरओ की त्वरित कार्रवाई के चलते मार्ग को जल्द ही दोबारा खोल दिया गया, जिससे वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकी।
मानसून के दौरान चमोली जिले के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा पर निकलने से पहले मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए गए सड़क और मौसम संबंधी अपडेट अवश्य प्राप्त करें।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि क्षेत्र में बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो संवेदनशील स्थानों पर दोबारा मलबा आने की संभावना बनी रह सकती है। ऐसे में बीआरओ और जिला प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
