देहरादून/पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को शासकीय आवास से पिथौरागढ़ में आयोजित ऐतिहासिक हिलजात्रा महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों और विशेष रूप से पिथौरागढ़ की जनता को हिलजात्रा पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने ग्राम जाखनी, पिथौरागढ़ स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिलजात्रा उत्तराखण्ड की समृद्ध लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है। 500 वर्षों से अधिक समय से मनाया जा रहा यह पर्व पिथौरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। सोरघाटी की हिलजात्रा पहाड़ी जीवन के संघर्ष, साधना और कृषि-पशुपालन पर आधारित ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि यह पर्व लोगों को अपने पूर्वजों की महान परंपराओं, आदर्शों और वीरता का स्मरण कराने के साथ ही सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ता है। भगवान शिव के गण लखिया भूत का आगमन हिलजात्रा में सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड विकास, विरासत और विश्वास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखण्ड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान, संरक्षण और सौंदर्यीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स के माध्यम से प्रदेश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उत्तराखण्ड के पारंपरिक पर्वों, मेलों और त्योहारों को उनकी मूल पहचान एवं सांस्कृतिक स्वरूप के साथ आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्व को समझने और इसे आगे बढ़ाने में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायक श्री बिशन सिंह चुफाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
