भीमताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भीमताल स्थित रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए जनपद नैनीताल को 96 करोड़ 71 लाख रुपये की 13 विकास योजनाओं की सौगात दी। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
मुख्यमंत्री ने 66 करोड़ 99 लाख 60 हजार रुपये की लागत से छह विकास योजनाओं का लोकार्पण तथा 29 करोड़ 71 लाख 59 हजार रुपये की लागत से सात योजनाओं का शिलान्यास किया। लोकार्पित योजनाओं में कुमाऊं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन का नवीनीकरण, योग भवन, गणित एवं बीएड भवन निर्माण, हरतोला-सतपूरी मोटर मार्ग का सुदृढ़ीकरण, डीएसबी परिसर में छात्रावास एवं आईटी लैब निर्माण, सोनगांव में लेक्चर एवं सेमिनार ब्लॉक निर्माण तथा भीमताल में 10 शैय्यायुक्त आयुष चिकित्सालय का निर्माण शामिल है।
वहीं शिलान्यास की गई योजनाओं में काठगोदाम बाईपास मोटर मार्ग, रानीबाग प्रभाग के अंतर्गत विभिन्न सड़क एवं पुल निर्माण कार्य, रामनगर-भंडारपानी-बेतालघाट मोटर मार्ग निर्माण तथा विभिन्न आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में आधारभूत सुविधाओं के विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की झीलें, जंगल, पर्वत और प्राकृतिक संपदा केवल हमारी पहचान नहीं बल्कि हमारी संस्कृति और जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक चुनौती बन चुका है और हिमालयी राज्य उत्तराखंड इसके प्रभावों को सबसे पहले महसूस कर रहा है। बदलता मौसम, पिघलते ग्लेशियर, घटते जल स्रोत और बढ़ती प्राकृतिक आपदाएं हमें चेतावनी दे रही हैं कि प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान को जनआंदोलन बताते हुए प्रदेश के प्रत्येक परिवार से अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने और उसका संरक्षण करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की मातृशक्ति ने चिपको आंदोलन के माध्यम से पूरी दुनिया को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया था और आज फिर उसी भावना को आगे बढ़ाने की जरूरत है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क कनेक्टिविटी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं तथा अंतिम छोर तक विकास पहुंचाना सरकार का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने भीमताल क्षेत्र के विकास के लिए कई घोषणाएं करते हुए सैनिकों एवं व्यापारियों के लिए बहुउद्देश्यीय भवन निर्माण, भीमेश्वर मंदिर एवं ओखलकांडा पशुपतिनाथ मंदिर को मंदिर माला मिशन से जोड़ने, ओढ़ाखान-मुक्तेश्वर मार्ग के मिलान, रामगढ़ उपतहसील के शीघ्र संचालन तथा प्राधिकरण संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु उच्चस्तरीय समिति गठन की घोषणा की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपा दरमवाल, विधायक सरिता आर्या, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी जगदीश चंद्र सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
