देहरादून। विजयादशमी के अवसर पर राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम को लेकर एक दिलचस्प खबर सामने आई है। आयोजन के दौरान रावण का पुतला पूरी तरह नहीं जल पाया। रिपोर्ट के अनुसार, पुतले के सभी दस चेहरे और हाथ आग की चपेट में आकर पूरी तरह नहीं जले।
परेड ग्राउंड में हुआ था रावण दहन
दशहरे के अवसर पर परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में लोग रावण दहन देखने पहुंचे थे। हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजन में रावण के पुतले का दहन आकर्षण का केंद्र रहा।
हालांकि, इस बार पुतले के कुछ हिस्सों के पूरी तरह नहीं जलने की घटना चर्चा में आ गई। इससे संबंधित वीडियो भी समाचार माध्यमों पर प्रकाशित हुआ।
क्यों चर्चा में आया मामला?
रावण दहन के दौरान पुतले के सभी हिस्सों का नहीं जलना लोगों के लिए चर्चा का विषय बन गया। ऐसे आयोजनों में पुतले की संरचना, आतिशबाजी और दहन की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है।
घटना के पीछे किसी तकनीकी कारण की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं की गई है। इसलिए पुतले के पूरी तरह नहीं जलने की वजह को लेकर कोई निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
दशहरे का संदेश रहा केंद्र में
दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। राजधानी में आयोजित कार्यक्रम में लोगों ने उत्सव का आनंद लिया और विजयादशमी की परंपरा का निर्वहन किया।
