देहरादून/गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में 27 अक्टूबर 2026 से विधानसभा का तीसरा सत्र शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर विधानसभा सचिवालय में तैयारियां की जा रही हैं। राज्य की राजनीति और जनहित से जुड़े मुद्दों के लिहाज से यह सत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा सत्र के दौरान सरकार की ओर से अनुपूरक बजट पेश किए जाने की संभावना है। इसके साथ ही विभिन्न विधायी कार्यों और जनसमस्याओं पर चर्चा भी सत्र की कार्यवाही का हिस्सा हो सकती है। सत्र से पहले कार्यसूची और सदन में उठाए जाने वाले विषयों को अंतिम रूप देने के लिए संबंधित स्तर पर तैयारी की जा रही है।
27 अक्टूबर से शुरू होगी सदन की कार्यवाही
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विधानसभा सत्र 27 अक्टूबर से भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में आयोजित होगा। सत्र की अवधि और कार्यवाही से संबंधित विस्तृत जानकारी विधानसभा की आधिकारिक कार्यसूची से स्पष्ट होगी। विधायकों की ओर से अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े प्रश्नों और समस्याओं को सदन में उठाए जाने की उम्मीद है।
सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, रोजगार और ग्रामीण क्षेत्रों की बुनियादी सुविधाएं राज्य के प्रमुख मुद्दे रहे हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता, सड़कों की स्थिति, पेयजल संकट और युवाओं के रोजगार जैसे विषयों पर भी सदन में चर्चा महत्वपूर्ण हो सकती है।
अनुपूरक बजट पर रहेगी खास नजर
सत्र में अनुपूरक बजट संभावित प्रमुख विषयों में शामिल है। अनुपूरक बजट के माध्यम से सरकार वित्तीय वर्ष के दौरान उन अतिरिक्त खर्चों के लिए बजटीय प्रावधान कर सकती है, जिनके लिए मूल बजट में पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई हो या जिनकी आवश्यकता बाद में सामने आई हो।
इसलिए बजट से जुड़े प्रस्तावों पर कर्मचारियों, विभिन्न विभागों, स्थानीय निकायों और विकास योजनाओं से जुड़े लोगों की नजर रहेगी। हालांकि, किन विभागों या योजनाओं के लिए कितना अतिरिक्त प्रावधान किया जाएगा, इसका पता सरकार की ओर से बजट और संबंधित दस्तावेज सदन में पेश किए जाने के बाद ही चलेगा।
विधेयकों और जनसमस्याओं पर भी नजर
सत्र में सरकार की ओर से विभिन्न विधेयक पेश किए जा सकते हैं। विधायी कार्यों की अंतिम सूची आधिकारिक बुलेटिन और सदन की कार्यसूची जारी होने पर ही स्पष्ट होगी। विपक्ष की ओर से भी सरकार से विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसमस्याओं पर जवाब मांगे जाने की संभावना है।
गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित होना राज्य की पर्वतीय पहचान और क्षेत्रीय विकास से भी जुड़ा विषय है। ऐसे में सत्र के दौरान पहाड़ों की समस्याओं और दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं की उपलब्धता पर होने वाली चर्चा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जनता को क्या उम्मीदें हैं?
प्रदेश के लोगों की अपेक्षा रहेगी कि सदन में उठने वाले मुद्दों पर ठोस चर्चा हो और जरूरी विषयों पर समयबद्ध कार्रवाई की दिशा तय हो। खासकर ग्रामीण सड़कों, स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, पेयजल योजनाओं और रोजगार से संबंधित सवालों पर सरकार के जवाब महत्वपूर्ण रहेंगे।
