देहरादून। जन शिकायतों के त्वरित एवं स्थायी निस्तारण को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। देहरादून में आयोजित समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों से लगातार अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, उनकी जीआईएस आधारित मैपिंग कर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) को पिछले 10 समाधान दिवसों के आंकड़ों का विभागवार विश्लेषण करने और शिकायत-बहुल क्षेत्रों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य उन क्षेत्रों को चिन्हित करना है जहां नागरिक समस्याएं लगातार बनी हुई हैं, ताकि उनके स्थायी समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जा सके।
समाधान दिवस में कुल 146 फरियादियों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान भूमि विवाद, अतिक्रमण, सीमांकन, विद्युत, पेयजल, बैंक ऋण, आर्थिक सहायता और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर विशेष रूप से कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए।
डॉ. आशीष चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग शिकायतों के समाधान के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करे।
जिलाधिकारी ने महिलाओं से संबंधित मामलों में वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराने, दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों से प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता देने तथा विभिन्न विभागों को मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। प्रशासन का मानना है कि शिकायतों के प्रभावी निस्तारण से जनता का विश्वास मजबूत होगा और शासन-प्रशासन की कार्यक्षमता में भी सुधार आएगा।
