जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने बुधवार को पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना, मध्याह्न भोजन, विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, आधारभूत सुविधाओं और निर्माण कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणाम, मासिक मूल्यांकन, स्कूल ग्रेडिंग और विद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिस पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने 60 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले विद्यालयों के कारणों का विश्लेषण कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों और शिक्षकों को सम्मानित करने को कहा गया। विद्यार्थियों की परीक्षा तैयारी के लिए शिक्षकों को मॉडल उत्तर तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
विद्यालय रूपांतरण के प्रथम चरण में छात्र संख्या के आधार पर 50 विद्यालयों का चयन किया गया है। इन विद्यालयों में स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, आरओ, खेल उपकरण समेत अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जिलाधिकारी ने डॉ. अंबेडकर जिला विज्ञान संग्रहालय को विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़ने और विद्यालयों को मॉडल विद्यालय के रूप में विकसित करने पर जोर दिया।

बैठक में बताया गया कि पीएम पोषण योजना के तहत जनपद के 2309 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में निर्धारित मेन्यू के अनुसार बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक माह कम से कम 15 विद्यालयों का निरीक्षण करने, खाद्य सामग्री की जांच, थर्ड पार्टी वेरिफिकेशन और विद्यालय समितियों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
गैस कनेक्शन से वंचित विद्यालयों को चिन्हित कर सुविधा उपलब्ध कराने तथा बंद पड़े गैस कनेक्शनों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए। बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण में सामने आने वाली समस्याओं पर उपचार और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया।
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्वीकृत कार्यों को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश दिए। कार्य शुरू न करने या अधूरे छोड़ने वाले ठेकेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया। आपदा से क्षतिग्रस्त विद्यालयों के मरम्मत और पुनर्निर्माण के लिए तत्काल एस्टीमेट तैयार करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि शुरू हो चुके निर्माण कार्य 31 अगस्त, अन्य लंबित कार्य 15 सितंबर और राज्य योजना के कार्य 30 सितंबर तक पूरे किए जाएं। पूर्ण कार्यों का हस्तांतरण सुनिश्चित करने तथा समग्र शिक्षा के वर्ष 2026-27 के कार्यों को मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, पौष्टिक भोजन और सुरक्षित एवं स्वच्छ विद्यालयी वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने योजनाओं में गुणवत्ता, जवाबदेही, नियमित निगरानी और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला शिक्षाधिकारी बेसिक अंशुल बिष्ट, अर्थ एवं संख्याधिकारी राम सलोने, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा समेत शिक्षा, जल संस्थान, पेयजल निर्माण निगम, आरडब्ल्यूडी और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
