देहरादून। प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘ईंधन बचाइए और संसाधनों का संयमित उपयोग कीजिए’ संदेश को उत्तराखंड के कृषि मंत्री Ganesh Joshi ने सोमवार को अलग अंदाज में प्रस्तुत किया।
मंत्री गणेश जोशी ने सरकारी इनोवा, सुरक्षा कर्मियों के काफिले और वीआईपी अंदाज को छोड़ एक्टिवा स्कूटी की सवारी की। गढ़ी कैंट के कार्यक्रम से निकलते वक्त जब मंत्री स्कूटी चलाते नजर आए तो सड़क पर मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए ठिठक गए।
मंत्री का संदेश साफ था कि छोटी दूरी के लिए बड़ी गाड़ियों का उपयोग जरूरी नहीं है और पेट्रोल-डीजल की बचत अब हर नागरिक की जिम्मेदारी बन चुकी है।
हालांकि मंत्री की यह ‘सादगी यात्रा’ कुछ ही घंटों में राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का विषय बन गई। जिस एक्टिवा स्कूटी से मंत्री अपने कैंप कार्यालय पहुंचे, उसका इंश्योरेंस 27 मार्च 2026 को ही समाप्त हो चुका था।
इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में सवाल उठने लगे कि जब आम जनता को ट्रैफिक नियमों का पालन करने की नसीहत दी जाती है, तो जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को भी नियमों का पालन करना चाहिए।
फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।
