विकासखंड खिर्सू के ग्राम जमणाखाल में शुक्रवार को विधिक सेवा केंद्र का शुभारंभ किया गया। केंद्र शुरू होने से अब ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को छोटी-बड़ी कानूनी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस अवसर पर जनता इंटर कॉलेज जमणाखाल में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में विद्यार्थियों और ग्रामीणों को निःशुल्क कानूनी सहायता, उनके अधिकारों और विभिन्न विधिक योजनाओं की जानकारी दी गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं सिविल जज नाज़िश कलीम ने बताया कि विधिक सेवा केंद्र के माध्यम से पात्र लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता, परामर्श, अधिवक्ता और न्यायालयीन मामलों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही मध्यस्थता, सुलह, लोक अदालत और स्थायी लोक अदालत के माध्यम से विवादों के समाधान की प्रक्रिया की जानकारी भी दी जाएगी।
शिविर में वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उनके लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की विधिक सेवा योजना-2016 के बारे में बताया गया। महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों के साथ-साथ साइबर अपराध से बचाव, नशे के दुष्प्रभाव, मौलिक अधिकार एवं कर्तव्यों तथा विभिन्न विधिक और कल्याणकारी योजनाओं के प्रति भी जागरूक किया गया।
सचिव नाज़िश कलीम ने पात्र लोगों से निःशुल्क विधिक सहायता का लाभ लेने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करने की अपील की। इस दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में एडीओ पंचायत खिर्सू कुंदन सिंह पुंडीर, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हिमांशु ज्याड़ा, सहायक विधिक सहायता प्रतिरक्षा अधिवक्ता विनोद कुमार, अधिवक्ता गजेन्द्र सिंह रावत, अधिकार मित्र राजवीर सिंह एवं जयन्ती राणा सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
