देहरादून। वर्षों से रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे बेरोजगार डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों की उम्मीदों को उस समय बल मिला, जब मेडिकल लैब टैक्नोलॉजिस्ट संघ के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों को विस्तार से रखा। स्वास्थ्य सचिव के साथ हुई इस महत्वपूर्ण वार्ता में तकनीशियनों की प्रमुख मांगों पर गंभीर चर्चा हुई और विभागीय स्तर पर जल्द बैठक आयोजित कर आवश्यक निर्णय लेने का आश्वासन दिया गया।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास कूच के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट राकेश तिवारी की मध्यस्थता में संगठन को स्वास्थ्य सचिव के साथ वार्ता का आश्वासन मिला था। इसी क्रम में आयोजित बैठक में मेडिकल लैब तकनीशियनों के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से लंबित विभिन्न मुद्दों को उठाया। बैठक में उपसचिव, अनुसचिव सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सचिव के समक्ष मांग रखी कि आईपीएचएस (Indian Public Health Standards) मानकों के अनुरूप मेडिकल लैब तकनीशियनों के नए पदों का सृजन किया जाए, ताकि प्रदेश के स्वास्थ्य संस्थानों में प्रयोगशाला सेवाओं को मजबूत किया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने वर्षवार मेरिट के आधार पर नियमावली तैयार कर पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी की। तकनीशियनों ने यह भी कहा कि लंबे समय से भर्ती न होने के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अधिकतम आयु सीमा पार करने की स्थिति में पहुंच गए हैं, इसलिए उन्हें एकमुश्त आयु सीमा में छूट प्रदान की जानी चाहिए।
स्वास्थ्य सचिव विनय शंकर पांडे ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वस्त किया कि विभागीय स्तर पर विस्तृत बैठक आयोजित कर इन सभी विषयों पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पद सृजन, भर्ती प्रक्रिया और आयु सीमा में छूट जैसे मामलों पर उच्च स्तर पर चर्चा कर आवश्यक निर्णय लेने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। साथ ही संगठन के पदाधिकारियों को दोबारा वार्ता के लिए आमंत्रित करने की बात भी कही गई।
वार्ता के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने इसे सकारात्मक और आशाजनक बताया। उनका कहना था कि पिछले कई वर्षों से डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियन रोजगार की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस बार उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगी।
वहीं दूसरी ओर, बेरोजगार डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों का आंदोलन लगातार जारी है। संगठन ने बताया कि एकता विहार, देहरादून में चल रहा उनका अनिश्चितकालीन धरना 34वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों का कहना है कि पिछले 26 वर्षों से डिग्रीधारी मेडिकल लैब तकनीशियनों की उपेक्षा की जा रही है, जिसके कारण बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवा रोजगार से वंचित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी न्यायोचित मांगों पर ठोस और लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा।
संगठन ने सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग करते हुए कहा कि यदि पद सृजन और भर्ती प्रक्रिया शुरू होती है तो इससे न केवल बेरोजगार तकनीशियनों को रोजगार मिलेगा, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। संगठन का मानना है कि अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त संख्या में मेडिकल लैब तकनीशियनों की नियुक्ति से जांच सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार होगा।
बैठक में संघ के अध्यक्ष आशीष चंद्र, प्रदेश महासचिव मयंक राणा, उपाध्यक्ष रणवीर बिष्ट, संगठन मंत्री अनुराग पंत तथा गणेश गोदियाल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। संगठन ने कहा कि सरकार के अगले कदम पर उनकी नजर बनी हुई है और यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
