September 11, 2026
थलीसैंण तहसील दिवस में 175 से अधिक शिकायतें, डीएम ने दिए समाधान के निर्देश
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थलीसैंण तहसील दिवस में 175 से अधिक शिकायतें, डीएम ने दिए समाधान के निर्देश

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पौड़ी गढ़वाल। दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न आना पड़े, इसी उद्देश्य से विकासखंड थलीसैंण के राजकीय महाविद्यालय मजरा महादेव में तहसील दिवस का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में तहसील चाकीसैंण क्षेत्र के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे और सड़क, पेयजल, बिजली, कृषि, शिक्षा, राशन, आवास, रोजगार सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं।

तहसील दिवस के दौरान 175 से अधिक शिकायतों की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी ने एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों से मौके पर ही शिकायतों की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन शिकायतों का समाधान स्थानीय स्तर पर आसानी से किया जा सकता है, उनका एक सप्ताह के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी शिकायतों की नियमित समीक्षा करने और कार्रवाई की जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

क्षतिग्रस्त विद्यालय भवन और शिक्षा संबंधी मामलों पर तेजी के निर्देश

तहसील दिवस में राजकीय प्राथमिक विद्यालय मझोली के क्षतिग्रस्त भवन का मामला सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए। कुचोली में मिड-डे मील शेड निर्माण के संबंध में प्रस्ताव प्राप्त होते ही आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। इसके साथ ही शासन को भेजे गए विभिन्न प्रस्तावों का लगातार फॉलोअप रखने के निर्देश दिए गए, ताकि योजनाओं में अनावश्यक देरी न हो।

ग्रामीणों की आधार कार्ड एवं दिव्यांग प्रमाणपत्र से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए सितंबर माह में चाकीसैंण क्षेत्र में विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। वहीं, 3 सितंबर से तिरपालीसैंण में एक सप्ताह तक आधार शिविर संचालित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने को कहा। गौरा देवी कन्याधन योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

पेयजल और जल निकासी की शिकायतों को प्राथमिकता

पेयजल से संबंधित शिकायतों पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को गंभीरता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बगेली में पेयजल लाइन को लेकर चल रहे विवाद का समाधान ग्रामसभा की बैठक के माध्यम से करने को कहा गया। नौगांव ईड़ा में क्षतिग्रस्त भवन और पाइपलाइन की मरम्मत के साथ ही हर घर नल योजना से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।

कुचोली में जल निकासी की समस्या को देखते हुए पुश्ता निर्माण के संबंध में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के साथ किया जाए।

जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा पर जोर

ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से फसलों को हो रहे नुकसान की समस्या भी जिलाधिकारी के समक्ष रखी। इस पर जिलाधिकारी ने ग्रामसभाओं से सामूहिक घेरबाड़ एवं चैनलिंक फेंसिंग के प्रस्ताव लेने के निर्देश दिए। प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद क्षेत्र का सर्वे कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया। उन्होंने अच्छी खेती करने वाले किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

इसके अलावा पशुपालन ऋण, मुर्गीबाड़े और अन्य रोजगारपरक योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर जोर दिया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकें।

जर्जर विद्युत पोल और लटकते तारों पर नियमित निगरानी

तहसील दिवस में विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों में लटकते तारों और जर्जर विद्युत पोलों का मामला भी सामने आया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ऐसे मामलों की नियमित निगरानी कर समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मरखोला, सुनार गांव और धरगांव में सोलर लाइट लगाने, पुरानी सोलर लाइटों के सुधारीकरण, पीएम सूर्य घर योजना की सब्सिडी तथा नवजागृति पब्लिक स्कूल लद्वाड़ी में विद्युत पोल शिफ्टिंग से संबंधित मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

सड़क निर्माण और मरम्मतीकरण के मामलों पर अधिकारियों को निर्देश

ग्रामीणों की ओर से सड़क से जुड़ी कई समस्याएं भी उठाई गईं। धरगांव में पीएमजीएसवाई सड़क कटिंग के कारण क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन की मरम्मत करने के निर्देश दिए गए। सुनार गांव के संपर्क मार्ग को ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना में शामिल करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।

मजरा महादेव-सौड़ और नौड़ी-सौड़ सड़क के मरम्मतीकरण, चुठाणी सड़क निर्माण में तेजी तथा सांकरसैंण मार्ग पर गड्ढों को भरने के निर्देश भी दिए गए। बगेली में सड़क कटिंग का मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत पर संयुक्त निरीक्षण करने को कहा गया। ईड़ा ग्वींठ सड़क का प्राक्कलन शासन को भेजने तथा बिरसोड़ा में नई सड़क के अलाइनमेंट की मौके पर जांच के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने ग्रामीण निर्माण विभाग को सड़क का स्लोप सही करने और पेंटिंग वाली सड़कों का कार्य जल्द पूरा करने को कहा। शासन को भेजे गए सड़क संबंधी प्रस्तावों का लगातार फॉलोअप रखने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।

राशन कार्ड और स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े मामलों की जांच

घुलेख में राशन कार्ड में नाम जोड़ने और हटाने में हो रही देरी की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा। घतटौली से संबंधित शिकायत की भी जांच के निर्देश दिए गए।

स्वच्छ भारत मिशन की दूसरी किश्त से जुड़े मामले में पीडी स्वजल को जांच करने के निर्देश दिए गए। वहीं तिरपाली में शौचालय निर्माण से संबंधित साक्ष्य सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

मंदिर, वन क्षेत्र और सिंचाई सुविधाओं पर भी निर्देश

श्रृंगऋषि मंदिर में टिनशेड और शौचालय निर्माण के लिए डीएफओ को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। ईड़ा नौगांव में चेकडैम, वन मार्ग के मरम्मतीकरण, गूल निर्माण एवं जीर्णोद्धार से जुड़े मामलों में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

झाड़ियों वाले क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार बुशकटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। वहीं मजरा महादेव क्षेत्र में टाल की मांग पर आवश्यक व्यवस्था किए जाने का आश्वासन दिया गया।

कूड़ा निस्तारण व्यवस्था की निगरानी के निर्देश

खंड तल्ला में कूड़ा निस्तारण की समस्या को लेकर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को नियमित कूड़ा उठान की निगरानी करने के निर्देश दिए। साथ ही कूड़ा संग्रहण केंद्रों की जियो-टैग फोटो के माध्यम से निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और रोजगारपरक आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए विभागीय स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

महिला ग्राम प्रधानों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश

तहसील दिवस के दौरान महिला ग्राम प्रधानों की प्रभावी भागीदारी का मुद्दा भी सामने आया। जिलाधिकारी ने डीपीआरओ और बीडीओ को निर्देश दिए कि तहसील दिवस, बीडीसी बैठकों सहित अन्य महत्वपूर्ण बैठकों में महिला ग्राम प्रधान स्वयं प्रतिभाग करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला प्रधानों के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को प्रतिनिधि बनाकर बैठक में न भेजा जाए। इससे स्थानीय स्तर पर महिला जनप्रतिनिधियों की भूमिका और भागीदारी को मजबूत किया जा सकेगा।

समयबद्ध समाधान की उम्मीद

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख सुनीता देवी ने दूरस्थ क्षेत्र में तहसील दिवस आयोजित किए जाने पर जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीणों को अपनी समस्याएं जिला मुख्यालय तक ले जाने की परेशानी से राहत मिली है। उन्होंने ग्रामीणों की ओर से उठाई गई समस्याओं के समयबद्ध समाधान की उम्मीद जताई।

तहसील दिवस में जिला पंचायत सदस्य शिव चरण नौटियाल, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल दर्ज करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि प्रत्येक शिकायत पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने शिकायतों के निस्तारण की नियमित समीक्षा और शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की सूचना देने पर विशेष जोर दिया, ताकि ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से हो सके।

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