AI, क्वांटम तकनीक और कौशल विकास पर फोकस, राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों को दिए निर्देश
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AI, क्वांटम तकनीक और कौशल विकास पर फोकस, राज्यपाल ने निजी विश्वविद्यालयों को दिए निर्देश

देहरादून। राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने लोक भवन में उत्तराखण्ड के स्ववित्तपोषित (निजी) विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ बैठक की। प्रथम चरण की इस बैठक में प्रदेश के 13 निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने प्रतिभाग किया।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है। युवाओं को रोजगार, उद्योग, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए तैयार करना विश्वविद्यालयों की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों से निकलने वाला प्रत्येक विद्यार्थी AI सक्षम, उद्योगोन्मुख, कौशलयुक्त और सामाजिक उत्तरदायित्वों के प्रति जागरूक होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि युवाओं को विकसित भारत-2047, आत्मनिर्भर भारत और भारत को विश्व गुरु बनाने के संकल्प में सक्रिय योगदान देने के लिए तैयार किया जाना आवश्यक है। इसके लिए विश्वविद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल विकास और व्यावहारिक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

राज्यपाल ने अनुसंधान, नवाचार, पेटेंट और बौद्धिक संपदा अधिकारों को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि केवल शोध करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शोध को पेटेंट, प्रकाशन और समाजोपयोगी तकनीक में परिवर्तित करना भी जरूरी है। उन्होंने डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में सक्षम मानव संसाधन तैयार करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने विश्वविद्यालयों से अपनी श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों, शोध, नवाचार और उपलब्धियों को एक-दूसरे के साथ साझा करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग से सभी संस्थानों को लाभ मिलेगा तथा उत्तराखण्ड उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।

राज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों से राष्ट्र, प्रदेश, समाज और युवाओं से जुड़े कम से कम एक महत्वपूर्ण विषय का चयन कर उस पर दीर्घकालिक और गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शोध, नवाचार, प्रयोग, हॉबी और मिशन आधारित कार्य संस्कृति विकसित की जानी चाहिए, ताकि युवा अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाकर समाजोपयोगी कार्यों में योगदान दे सकें।

उन्होंने विश्वविद्यालयों द्वारा AI, क्वांटम तकनीक और अन्य अत्याधुनिक क्षेत्रों में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड इन क्षेत्रों में उत्कृष्टता का केंद्र बन सकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों से व्यवसाय और आर्थिक लाभ से आगे बढ़कर समाज, राष्ट्र और मानवता के हित में कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में कुलपतियों ने विश्वविद्यालयों की उपलब्धियों के साथ-साथ अनुसंधान को बढ़ावा देने, पेटेंट संस्कृति विकसित करने, उद्योग-अकादमिक सहयोग, राष्ट्रीय स्तर पर साझा शोध व्यवस्था तथा विश्वविद्यालयों के बीच समन्वय को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

बैठक में सचिव राज्यपाल रविनाथ रामन, विधि परामर्शी राज्यपाल कौशल किशोर शुक्ल, सचिव उच्च शिक्षा डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर सचिव राज्यपाल रीना जोशी सहित प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों के कुलपतिगण मौजूद रहे।

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