October 7, 2026
उत्तराखण्ड कैबिनेट के बड़े फैसले: स्वास्थ्य कर्मियों का तबादला, ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 और नया निजी विश्वविद्यालय मंजूर
राज्य

उत्तराखण्ड कैबिनेट के बड़े फैसले: स्वास्थ्य कर्मियों का तबादला, ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 और नया निजी विश्वविद्यालय मंजूर

देहरादून।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, ऊर्जा और सामरिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट के ये फैसले राज्य को आर्थिक, शैक्षणिक और औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।

 स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा बड़ा निर्णय

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता/स्वास्थ्य पर्यवेक्षक जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 5 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर ली है, उन्हें पूरे सेवाकाल में एक बार आपसी समझौते के आधार पर जनपद परिवर्तन की अनुमति दी जाएगी। इससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी और सेवाओं में संतुलन बनेगा।

भूमि प्राप्ति की नई प्रक्रिया को मंजूरी

राज्य में लघु, मध्यम और वृहद परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से आपसी सहमति के आधार पर भूमि प्राप्ति की प्रक्रिया तय की गई है। इससे भूमि अर्जन में लगने वाला समय कम होगा, मुकदमेबाजी घटेगी और परियोजनाओं की लागत भी कम होगी।

 सिडकुल को प्राग फार्म भूमि पर उप-पट्टा की अनुमति

उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित करने के लिए सिडकुल को हस्तांतरित किया गया था। अब कैबिनेट ने समान प्रयोजन के लिए Sub-Lease (उप पट्टा) की अनुमति प्रदान कर दी है, जिससे औद्योगिक निवेश को गति मिलेगी।

जनजाति कल्याण विभाग का पुनर्गठन

जनजाति बाहुल्य जनपद देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर और पिथौरागढ़ में 4 जिला जनजाति कल्याण अधिकारी के पद सृजित किए गए हैं। इसके लिए सेवा नियमावली में संशोधन को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है।

 भू-जल दोहन पर जल मूल्य लागू

राज्य में गैर-कृषि उपयोग के लिए भू-जल निकास पर जल मूल्य/प्रभार दरें तत्काल प्रभाव से लागू की गई हैं। इसका उद्देश्य भू-जल के अनियंत्रित दोहन को रोकना और जल प्रबंधन को मजबूत करना है।
वाणिज्यिक एवं औद्योगिक इकाइयों के लिए ₹5000 का पंजीकरण शुल्क तय किया गया है।

देहरादून में नया निजी विश्वविद्यालय

राज्य को शिक्षा हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए “जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय” की स्थापना को मंजूरी दी गई है। यह विश्वविद्यालय नवाचार, शोध, रोजगार और वंचित वर्गों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर केंद्रित रहेगा।

 सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हवाई पट्टियां

उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को एडवांस लैंडिंग ग्राउंड (ALG) के रूप में भारतीय वायुसेना और नागरिक उड़ानों के संयुक्त उपयोग हेतु रक्षा मंत्रालय को लीज पर सौंपने की स्वीकृति दी गई है।

 उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026

राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026 को मंजूरी दी गई। जल विद्युत संसाधनों का उपयोग कर ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन से रोजगार, निवेश और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।

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