देहरादून। उत्तराखंड में मान्यता प्राप्त मदरसों की साप्ताहिक छुट्टी को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य में शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त मदरसों में अब शुक्रवार की जगह रविवार को साप्ताहिक अवकाश रखने की व्यवस्था लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 अक्टूबर 2026 को इस व्यवस्था के बारे में जानकारी दी।
सरकार का कहना है कि शिक्षा विभाग के नियमों के तहत संचालित शिक्षण संस्थानों में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था एक समान होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से मदरसों को भी अन्य मान्यता प्राप्त स्कूलों के शैक्षिक कैलेंडर के अनुरूप लाने की दिशा में कदम उठाया गया है।
किन मदरसों पर लागू होगा फैसला?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह बदलाव उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण (USAME) से मान्यता प्राप्त मदरसों से संबंधित है। राज्य में शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त करीब 206 मदरसों के साप्ताहिक अवकाश में बदलाव की जानकारी सामने आई है।
अब तक कुछ मदरसों में शुक्रवार को साप्ताहिक छुट्टी रखी जाती थी। नई व्यवस्था के तहत सोमवार से शनिवार तक पढ़ाई और रविवार को साप्ताहिक अवकाश रखने की बात कही गई है।
इस फैसले का दायरा और किसी विशेष संस्था पर लागू होने वाली शर्तें संबंधित विभाग के आदेश और मान्यता की स्थिति के अनुसार देखी जानी चाहिए। इसलिए मदरसा संचालकों और अभिभावकों के लिए आधिकारिक निर्देशों की जांच करना जरूरी है।
सरकार ने एक समान शैक्षिक व्यवस्था पर दिया जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त संस्थानों को लागू नियमों और शैक्षिक व्यवस्था का पालन करना चाहिए। सरकार का तर्क है कि सभी मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शैक्षिक कैलेंडर में एकरूपता रहने से प्रशासनिक व्यवस्था और शैक्षणिक संचालन को व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।
राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से भी साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था को लेकर शिक्षा विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की खबरें हैं।
मदरसा संचालकों और विद्यार्थियों पर क्या पड़ेगा असर?
साप्ताहिक छुट्टी में बदलाव का सीधा असर विद्यार्थियों, शिक्षकों और मदरसा प्रबंधन की दिनचर्या पर पड़ेगा। जिन संस्थानों में शुक्रवार को अवकाश रहता था, उन्हें अपनी कक्षाओं, शिक्षकों की उपस्थिति और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों का कार्यक्रम नए नियमों के अनुसार व्यवस्थित करना होगा।
अभिभावकों को भी अपने बच्चों के स्कूल कैलेंडर और कक्षा संचालन के समय में हुए बदलाव की जानकारी लेनी चाहिए। मदरसा प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि विद्यार्थियों को बदलाव के संबंध में स्पष्ट सूचना दी जाए।
फैसले को लेकर चर्चा और आगे की प्रक्रिया
साप्ताहिक अवकाश में बदलाव के फैसले पर सार्वजनिक चर्चा शुरू हो गई है। एक ओर सरकार इसे मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के नियमों में एकरूपता से जोड़ रही है, वहीं दूसरी ओर इस बदलाव के सांस्कृतिक और धार्मिक पहलुओं पर भी चर्चा हो सकती है।
इस विषय पर खबर प्रकाशित करते समय आधिकारिक आदेश, लागू होने की तारीख और संबंधित संस्थानों की मान्यता की शर्तों की पुष्टि महत्वपूर्ण है। किसी संस्था के नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई से संबंधित प्रावधान भी विभागीय आदेश के अनुसार ही बताए जाने चाहिए।
