उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से बदरीनाथ, यमुनोत्री, कोटद्वार-पौड़ी समेत कई प्रमुख हाईवे और ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।
कोटद्वार-पौड़ी हाईवे पर सतपुली मल्ली के पास पहाड़ी से भारी बोल्डर एक सब्जी से लदे वाहन पर गिर गया, जिससे वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के दौरान चालक समेत वाहन में सवार तीन लोग समय रहते बाहर निकल गए और बाल-बाल बच गए।
देवप्रयाग मार्ग पर डिग्री कॉलेज गदेरे में फिर मलबा आने से यातायात प्रभावित हुआ है। वहीं दुधारखाल मार्ग पर भी मलबा आने से सड़क बंद है। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का कार्य जारी है।
रुद्रप्रयाग जिले में खांकरा और सिरोहबगड़ के बीच भारी भूस्खलन के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीम लगातार मलबा हटाने में जुटी है, लेकिन बारिश के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं।
उधर, यमुनोत्री हाईवे पर स्याना चट्टी के पास तीसरे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। लगातार गिर रहे मलबे और पत्थरों के कारण हाईवे खोलने में परेशानी बनी हुई है। एनएच विभाग और जिला प्रशासन वैकल्पिक रूप से करीब 350 मीटर लंबी बाईपास सड़क बनाने की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं।
चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में लगातार बारिश से 50 से 60 प्रतिशत ग्रामीण सड़कें प्रभावित हैं। बाजारों में भी गतिविधियां कम हो गई हैं। वहीं अलकनंदा और पिंडर नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नारायणबगड़ क्षेत्र में सिमली-अल्मोड़ा हाईवे भी कुछ समय के लिए बाधित रहा, जिसे बाद में बीआरओ ने बहाल कर दिया। थराली क्षेत्र की कई ग्रामीण सड़कें अब भी बंद हैं।
प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
