देहरादून। कांग्रेस नेता एवं समाजसेवी रघुवीर बिष्ट ने देश की ऊर्जा सुरक्षा, पेट्रोलियम भंडारण नीति और बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दुनिया संभावित वैश्विक संकटों की तैयारी कर रही थी, तब भारत सरकार चुनाव और इवेंट मैनेजमेंट में व्यस्त रही।
रघुवीर बिष्ट ने कहा कि अमेरिका जैसे देशों ने अपने तेल, गैस, खाद्यान्न और पानी के रणनीतिक भंडार मजबूत किए, जबकि चीन ने रूस से बड़े स्तर पर सस्ता तेल खरीदकर अपने भंडार सुरक्षित किए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने उस समय देश के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार बढ़ाने के बजाय चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया।
उन्होंने कहा कि रूस से सस्ता कच्चा तेल मिलने के बावजूद आम जनता को इसका लाभ नहीं मिला। जनता को महंगे पेट्रोल, महंगी रसोई गैस और बढ़ती महंगाई का सामना करना पड़ा। रघुवीर बिष्ट ने आरोप लगाया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी जैसी कंपनियों ने रूसी तेल खरीदकर यूरोपीय बाजार में ऊंचे दामों पर बेचकर भारी मुनाफा कमाया, लेकिन आम नागरिक को राहत नहीं मिली।
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि सरकार दूरदर्शिता के साथ कार्य करती तो उस समय भारत अपने Strategic Petroleum Reserves को कई गुना बढ़ा सकता था, जिससे भविष्य के वैश्विक संकटों और तेल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में देश अधिक सुरक्षित रहता।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार “विश्वगुरु” बनने की बात करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि अंतरराष्ट्रीय तेल संकट की स्थिति में आज भी भारत असुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा केवल प्रचार और नारों से नहीं बल्कि मजबूत नीतियों और दीर्घकालिक रणनीति से सुनिश्चित होती है।
रघुवीर बिष्ट ने कहा कि इतिहास इस बात को याद रखेगा कि जब देश के पास सस्ता तेल भंडारण का सुनहरा अवसर था, तब सरकार ने जनता की सुरक्षा से ज्यादा कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दी।
