हल्द्वानी। आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने शनिवार को अपने कैम्प कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई के दौरान भूमि विवाद, बकाया धनराशि, लंबित वेतन, बैंक बंधक, झूठी शिकायतों सहित विभिन्न जनसमस्याओं की सुनवाई कर कई मामलों का मौके पर ही समाधान कराया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
जनसुनवाई के दौरान काठगोदाम निवासी मीरा पंत ने भूमि खरीद से जुड़े विवाद का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि तपोवन, काठगोदाम में भूमि खरीदने के लिए उन्होंने प्रमोद नामक व्यक्ति को 11 लाख रुपये दिए थे, लेकिन न तो भूमि मिली और न ही धनराशि वापस की गई। इस मामले में पूर्व जनसुनवाई के दौरान आयुक्त द्वारा दोनों पक्षों के बीच सुलह कराई गई थी, जिसके तहत पहले 7 लाख रुपये वापस कराए गए। शनिवार को मीरा पंत को 2.5 लाख रुपये और वापस दिलाए गए। आयुक्त ने शेष 1.5 लाख रुपये सितंबर 2026 तक लौटाने के निर्देश दिए। धनराशि वापस मिलने पर मीरा पंत ने आयुक्त का आभार व्यक्त किया।
एक अन्य मामले में जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र, नैनीताल की आक्यूपेशनल थेरेपिस्ट तनुजा पाण्डेय सहित 10 कर्मचारियों ने फरवरी और मार्च 2026 से वेतन नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। कर्मचारियों ने बताया कि नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद वेतन न मिलने से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मामले का संज्ञान लेते हुए आयुक्त दीपक रावत ने निदेशक समाज कल्याण, उत्तराखण्ड से वार्ता कर एक सप्ताह के भीतर लंबित वेतन जारी करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में सद्भावना कॉलोनी, हल्द्वानी निवासी मंजू जोशी ने शिकायत की कि उनके भवन को वर्ष 2016 से बैंक में बंधक रखकर 38 लाख रुपये का सीसी लोन लिया गया था। लंबे समय बाद भी ऋण पूरी तरह जमा नहीं होने और खाते से लगातार धन निकाले जाने के कारण भवन बंधक मुक्त नहीं हो पा रहा है। इस पर आयुक्त ने संबंधित पक्ष को सीसी लोन खाता बंद कर बैंक से लिखित पुष्टि लेने तथा शेष करीब 22 लाख रुपये की धनराशि तीन माह के भीतर जमा कर भवन को बंधक मुक्त कराने के निर्देश दिए।
इसके अलावा जनसुनवाई में किरण डालाकोटी ने चोरी गई धनराशि वापस दिलाने, हेमा पचवाड़ी ने पड़ोसी द्वारा मानसिक प्रताड़ना, नागेंद्र चंद्र ने ज्वेलरी शॉप चोरी के आरोपी की गिरफ्तारी तथा हिमांशु डालाकोटी ने रामपुर रोड के चौड़ीकरण से जुड़ी समस्या आयुक्त के समक्ष रखी। आयुक्त ने अधिकांश मामलों का मौके पर ही समाधान करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही न बरती जाए और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए।
