पौड़ी। जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित 25 शिकायतों की सुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को सभी शिकायतों का प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनता मिलन में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ई-ऑफिस और अन्य माध्यमों से प्राप्त लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा भी की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण करने के साथ ही शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
इस दौरान श्रीखोन, स्यालंगी और कठूड़ गांवों को घुड़दौड़ी ग्राम समूह पेयजल पंपिंग योजना से जोड़ने, थली में दूषित पेयजल, नौली में नियमित पेयजल आपूर्ति, पौड़ीगांव में पालतू सुअरों से फसल क्षति और सुकरौं में बीएसएनएल टावर के किराये एवं खराब स्थिति से संबंधित शिकायतें सामने आईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को इन मामलों में तत्काल प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
करीब एक दशक पुरानी सड़क की समस्या का समाधान
कांसखेत-असगढ़-घंडियालधार-अलासू-कुनकुली मोटर मार्ग के किमी 13 से 17 तक डामरीकरण की मांग लंबे समय से लंबित थी। जिलाधिकारी द्वारा इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी। धनराशि स्वीकृत होने पर ग्राम प्रधान नवीन कुमार, सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन सिंह नेगी समेत स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी का आभार जताया।
कई शिकायतों का मौके पर हुआ समाधान
जनता मिलन कार्यक्रम में कुछ शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई भी की गई। पोखरी खड़खोला में विद्युत संयोजन के लिए पोल और एबी केबल लगाकर विद्युत आपूर्ति शुरू कराई गई। वहीं कोट के नौगांव में पेयजल स्रोत की सफाई कर आपूर्ति सुचारू की गई।
रिखणीखाल क्षेत्र में बाघ और तेंदुए के आतंक की शिकायत पर वन विभाग ने गश्त और निगरानी बढ़ाने के साथ आवश्यकतानुसार पिंजरे लगाने की कार्रवाई की। पशुहानि के मामलों में नियमानुसार मुआवजा प्रक्रिया भी शुरू की गई। थापली की अनुसूचित जाति बस्ती में पाइपलाइन से कपड़ा और पॉलिथीन हटाकर पेयजल आपूर्ति बहाल कराई गई।
बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, एडीएम एफआर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीएमओ डॉ. मेघना असवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
