मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश के जंगलों की सुरक्षा केवल वन संपदा के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे पर्यावरण और जैव विविधता के संतुलन से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि “यदि हमारे जंगल सुरक्षित रहेंगे तो पूरी इकोलॉजी समृद्ध होगी और जब इकोलॉजी समृद्ध होगी तो बाघ भी सुरक्षित होंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड अपनी समृद्ध वन संपदा और वन्यजीवों के लिए देशभर में विशेष पहचान रखता है। राज्य सरकार वन संरक्षण, जैव विविधता के संवर्धन और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बाघों सहित सभी वन्यजीवों का संरक्षण तभी संभव है, जब जंगल सुरक्षित और प्राकृतिक संसाधन संतुलित बने रहें।
उन्होंने नागरिकों से भी पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली, स्वच्छ पर्यावरण और समृद्ध वन संपदा को सुरक्षित रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकृति और वन्यजीवों की रक्षा के लिए सरकार और समाज को मिलकर निरंतर प्रयास करने होंगे।
