देहरादून में भव्य वेसाक बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव: शांति, सद्भाव और वैश्विक एकता का संदेश
प्रदेश/लोकल न्यूज़

देहरादून में भव्य वेसाक बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव: शांति, सद्भाव और वैश्विक एकता का संदेश

देहरादून | 1 मई 2026 – दून बौद्ध समिति द्वारा उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से आईआरडीटी ऑडिटोरियम में वार्षिक वेसाक बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बौद्ध समुदाय, गणमान्य अतिथियों और आम जनता की बड़ी भागीदारी रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 3:15 बजे जनसभा एवं पवित्र बुद्ध स्नान अनुष्ठान के साथ हुआ, जिसे श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक श्रद्धा अर्पण के रूप में संपन्न किया गया। मुख्य अतिथि श्री मालिंग गोम्बू के आगमन पर पारंपरिक ताशी शोपा (शुभ स्वागत नृत्य) की आकर्षक प्रस्तुति दी गई।

महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन दीप प्रज्वलन और गौतम बुद्ध को पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके बाद म्यांमार तथा गदेन जांग्त्से, देक्यिलिंग से आए भिक्षुओं एवं भिक्षुणियों ने विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थनाएं कीं।

कार्यक्रम में राज्य के शीर्ष नेतृत्व के संदेश भी प्रस्तुत किए गए। गुरमीत सिंह ने अपने संदेश में कहा कि भगवान बुद्ध की सत्य और करुणा की शिक्षाएं आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं। वहीं पुष्कर सिंह धामी ने बुद्ध के जीवन को प्रेम और आत्मबोध का मार्ग बताया।

अमेरिका से एच.ई. खेंचेन कोंचोक रंगदोल रिनपोछे ने वीडियो संदेश के माध्यम से वैश्विक शांति और सद्भाव के लिए आशीर्वाद दिया।

कार्यक्रम में डॉ. पेमा तेनजिन द्वारा धम्म प्रवचन प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा भूटानी छात्रों, गोरखाली सुधार सभा, चेनरेसिग स्कूल क्लेमेंट टाउन और तिब्बतन होम्स फाउंडेशन स्कूल राजपुर के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जो हिमालयी सांस्कृतिक विरासत की झलक प्रस्तुत करती हैं।

इस अवसर पर “अप्पो दीपो भव” नामक आध्यात्मिक गीत का विमोचन भी किया गया, जो आत्मजागरण और वैश्विक एकता का संदेश देता है।

कार्यक्रम के दौरान धम्म रत्न पुरस्कार 2026 कमल सिंह नेगी को बौद्ध धरोहर संरक्षण और समाज सेवा में उनके योगदान के लिए प्रदान किया गया।

महोत्सव का समापन देहरादून में विश्व शांति हेतु नगर परिक्रमा के साथ हुआ, जिसमें अहिंसा और सद्भाव का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को शाकाहारी भोजन परोसा गया, जो सार्वभौमिक भाईचारे का प्रतीक रहा।

इस अवसर पर श्री बलजीत सोनी, डॉ. त्सेवांग फुंटसोक और ब्रिगेडियर के. जी. बहल सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। आयोजन का सफल संचालन दून बौद्ध समिति द्वारा किया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *