अरविंद पाण्डेय द्वारा लिखी गई एक चिट्ठी ने उत्तराखंड की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। गदरपुर से बीजेपी विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री पाण्डेय ने पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
चिट्ठी में विधायक पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ कथित तौर पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। उनका कहना है कि बाजपुर थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जबकि उनके परिवार के सदस्यों पर भी धारा 420 के तहत केस दर्ज किया गया है।

पाण्डेय ने यह भी आरोप लगाया कि एसएसपी के माध्यम से उनके पुत्र को धमकाया गया। इसके साथ ही उन्होंने सुखदेव सिंह नामधारी का जिक्र करते हुए अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
उन्होंने खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पूर्व प्रचारक बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। गणेश गोदियाल ने कहा कि जब सत्ता पक्ष के विधायक को ही शिकायत करनी पड़ रही है, तो आम जनता की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गोदियाल ने राज्य सरकार पर सिर्फ कागजों में विकास दिखाने का आरोप लगाते हुए इस मामले की SIT जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि अगर आरोप सही हैं तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए और अगर नहीं हैं, तो सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि जनता में किसी तरह का भ्रम न रहे।
